खास खबर:डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन और नोकिया (स्मार्टपुर प्रोजेक्ट) की जिला नूह के लिए एक पहल पर रिपोर्ट कार्ड: मो आरिफ टाई
इंडिया क्राइम तक न्यूज़
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन और नोकिया (स्मार्टपुर प्रोजेक्ट) की जिला नूह के लिए एक पहल पर रिपोर्ट कार्ड: मो आरिफ टाई
"हजारो लोगो को हो चुका है अब तक स्मार्टपुर प्रोजेक्ट मेवात से फायदा"
जिला बनने के बाद मेवात की आवाम की सेहत को सुधारने के लिए सरकार ने बेहतर पहल की है। यहां की स्वास्थ्य सेवाओं में कई गुना इजाफा हुआ है तो मेडिकल कॉलेज जैसी बड़ी सौगात भी इस इलाके को दी गई । ग्रामीण आंचल में सरकारी सुविधा पहुंचाने के लिए यहां कई दर्जन हेल्थ सब सेंटर तो कई नई पीएचसी व सीएचसी का करोड़ों की लागत से निर्माण हुआ है। समाज में बदलाव के लिए बहुत से सामाजिक संगठन यहाँ अलग अलग मुद्दों पर काम कर रहे हैं ।
लेकिन नूह जिले के मुख्यालय के आस पास के दस गावो में पिछले कुछ महीने से स्मार्टपुर नाम के प्रोजेक्ट से बड़ा बदलाव देखा जा रहा है लोगो मे स्वास्थ्य, शिक्षा व सुशासन के प्रति जागरूकता बड़ी है जो पहले एक चुनोती थी । इस कार्य को एक अभियान के रूप में लाने के लिए डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन और नोकिया कंपनी ने अनोखी पहल की है जिसका आने वाले समय मे देश के सबसे पिछड़े जिले के अन्य गांव में भी असर होने की उम्मीद है ।
जिला नुह के सामाजिक कार्यकर्ता सगीर , इरशाद मेव और नसीम खान ने कहा की जिला नूह हरियाणा ही नही देश के टॉप पिछड़े जिलो में आता है यहाँ के शेक्षिक व आर्थिक हालात सही नही है यहाँ सामाजिक संस्थाओं से लोगो को बहुत उम्मीद होती है । समाज मे बदलाव के लिए डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन और नोकिया ने जो छः पिल्लर ( शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त, अच्छा सुशासन, मनोरंजन और रोजगार ) पर कार्य सुरु किया है ये काबिले तारीफ़ है आने वाली नस्लो पर इसका बहुत अच्छा असर पड़ेगा । नोकिया ने मेवात में एक अच्छी सुरुवात की है जिसे मेवात के दूसरे गावो तक भी ले जाने के लिए सोचना चाहिए ताकि सभी सुविधाएं जन जन तक पहुंच सके ।
यहाँ के स्कूलो में अध्यापक न के बराबर है , हॉस्पिटल में महिला डॉ नहीं लेकिन फिर भी कुछ अच्छे अधिकारियो के सहयोग से बदलाव देखा जा सकता है ।
मो आरिफ टाई ने कहा कि मेवात में सामाजिक संस्थाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है जो आगे भी मिलने की उम्मीद है । आज के समय मे एक जागरूक नागरिक का होना बेहद ज्यादा जरूरी है डी ई एफ और नोकिया की पहल वास्तव में ही सराहनीय कदम है जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है लेकिन नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के सबसे पिछड़े जिले में ये 10 सेंटर कम से कम 30-40 होने चाहिए ताकि जन जन तक सुविधाए पहुंच सके ।
स्मार्टपुर प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर समर खान के स्वास्थ्य के प्रति विचार :- शरीर कोई ऐसी फौलादी मशीन नहीं है, जो बिना आहार-पानी औैर उचित रखरखाव के चलती रहे। वैसे तो मशीन भी चाहे कितनी ही अच्छी क्यों न हो, समय-समय पर सर्विस मांगती ही है। मानव शरीर की भी यही गति है। यदि इसको सही खुराक और आराम नहीं मिले तो यह थककर अपनी क्षमता खोने लगता है औैर बीमार भी पड़ सकता है। यदि आपके शरीर के साथ भी ऐसा होता है तो आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में पिछड़ सकते हैं। इसलिए शरीर पर इतना दबाव न डालें कि आपके स्वास्थ्य पर ही विपरीत असर पड़ने लगे। इसकी तरह तालीम का भी जीवन मे सही रास्ते व ज्ञान के लिए महत्व है जीवन के सही रास्ते शिक्षा से ही दिखते हैं इस समय दुनिया शिक्षा के कारण ही इतनी तेज गति से आगे बढ़ रही है वरना बिना शिक्षा इंसान पशु के समान वाली कहावत भी हमे याद रखनी चाहिए । ये एक सुरुवात है जिसे 2018 तक सौ के आस पास गावो तक पहुंचा दिया है आगे मेवात में और बहुत सी चीजो पर काम होना बाकी है आपका हमेशा की तरह सहयोग चाहिए बाकी डिजिटल एम्पावरमेंट की कोसिस जारी है ।
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन और नोकिया (स्मार्टपुर प्रोजेक्ट) की जिला नूह के लिए एक पहल पर रिपोर्ट कार्ड: मो आरिफ टाई
"हजारो लोगो को हो चुका है अब तक स्मार्टपुर प्रोजेक्ट मेवात से फायदा"
जिला बनने के बाद मेवात की आवाम की सेहत को सुधारने के लिए सरकार ने बेहतर पहल की है। यहां की स्वास्थ्य सेवाओं में कई गुना इजाफा हुआ है तो मेडिकल कॉलेज जैसी बड़ी सौगात भी इस इलाके को दी गई । ग्रामीण आंचल में सरकारी सुविधा पहुंचाने के लिए यहां कई दर्जन हेल्थ सब सेंटर तो कई नई पीएचसी व सीएचसी का करोड़ों की लागत से निर्माण हुआ है। समाज में बदलाव के लिए बहुत से सामाजिक संगठन यहाँ अलग अलग मुद्दों पर काम कर रहे हैं ।
लेकिन नूह जिले के मुख्यालय के आस पास के दस गावो में पिछले कुछ महीने से स्मार्टपुर नाम के प्रोजेक्ट से बड़ा बदलाव देखा जा रहा है लोगो मे स्वास्थ्य, शिक्षा व सुशासन के प्रति जागरूकता बड़ी है जो पहले एक चुनोती थी । इस कार्य को एक अभियान के रूप में लाने के लिए डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन और नोकिया कंपनी ने अनोखी पहल की है जिसका आने वाले समय मे देश के सबसे पिछड़े जिले के अन्य गांव में भी असर होने की उम्मीद है ।
जिला नुह के सामाजिक कार्यकर्ता सगीर , इरशाद मेव और नसीम खान ने कहा की जिला नूह हरियाणा ही नही देश के टॉप पिछड़े जिलो में आता है यहाँ के शेक्षिक व आर्थिक हालात सही नही है यहाँ सामाजिक संस्थाओं से लोगो को बहुत उम्मीद होती है । समाज मे बदलाव के लिए डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन और नोकिया ने जो छः पिल्लर ( शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त, अच्छा सुशासन, मनोरंजन और रोजगार ) पर कार्य सुरु किया है ये काबिले तारीफ़ है आने वाली नस्लो पर इसका बहुत अच्छा असर पड़ेगा । नोकिया ने मेवात में एक अच्छी सुरुवात की है जिसे मेवात के दूसरे गावो तक भी ले जाने के लिए सोचना चाहिए ताकि सभी सुविधाएं जन जन तक पहुंच सके ।
यहाँ के स्कूलो में अध्यापक न के बराबर है , हॉस्पिटल में महिला डॉ नहीं लेकिन फिर भी कुछ अच्छे अधिकारियो के सहयोग से बदलाव देखा जा सकता है ।
मो आरिफ टाई ने कहा कि मेवात में सामाजिक संस्थाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है जो आगे भी मिलने की उम्मीद है । आज के समय मे एक जागरूक नागरिक का होना बेहद ज्यादा जरूरी है डी ई एफ और नोकिया की पहल वास्तव में ही सराहनीय कदम है जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है लेकिन नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के सबसे पिछड़े जिले में ये 10 सेंटर कम से कम 30-40 होने चाहिए ताकि जन जन तक सुविधाए पहुंच सके ।
स्मार्टपुर प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर समर खान के स्वास्थ्य के प्रति विचार :- शरीर कोई ऐसी फौलादी मशीन नहीं है, जो बिना आहार-पानी औैर उचित रखरखाव के चलती रहे। वैसे तो मशीन भी चाहे कितनी ही अच्छी क्यों न हो, समय-समय पर सर्विस मांगती ही है। मानव शरीर की भी यही गति है। यदि इसको सही खुराक और आराम नहीं मिले तो यह थककर अपनी क्षमता खोने लगता है औैर बीमार भी पड़ सकता है। यदि आपके शरीर के साथ भी ऐसा होता है तो आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में पिछड़ सकते हैं। इसलिए शरीर पर इतना दबाव न डालें कि आपके स्वास्थ्य पर ही विपरीत असर पड़ने लगे। इसकी तरह तालीम का भी जीवन मे सही रास्ते व ज्ञान के लिए महत्व है जीवन के सही रास्ते शिक्षा से ही दिखते हैं इस समय दुनिया शिक्षा के कारण ही इतनी तेज गति से आगे बढ़ रही है वरना बिना शिक्षा इंसान पशु के समान वाली कहावत भी हमे याद रखनी चाहिए । ये एक सुरुवात है जिसे 2018 तक सौ के आस पास गावो तक पहुंचा दिया है आगे मेवात में और बहुत सी चीजो पर काम होना बाकी है आपका हमेशा की तरह सहयोग चाहिए बाकी डिजिटल एम्पावरमेंट की कोसिस जारी है ।

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