खास खबर:अलग जिला बनने के 12 साल बाद भी नही बदली कम्युनिटी हेल्थ सेंटर की हालत, मूलभूत सुविधाओं से वंचित है रोगी।
इंडिया क्राईम तक न्यूज़
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:अलग जिला बनने के 12 साल बाद भी नही बदली कम्युनिटी हेल्थ सेंटर की हालत, मूलभूत सुविधाओं से वंचित है रोगी।
गुड़गांव से अलग जिले बने नूह को 12 साल गुजर चुके है लेकिन उपमंडल पर बने कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के हालत आज भी पी एच सी भी बद्दतर है, यंहा के लोग मूलभूत सुविधाओं से कोसो दूर है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी व मरीजो के लिए एक्सरे मशीन से लेकर मरीजो को बैठने के लिए कुर्सी तक मौजूद नही है।
जिले के अंतिम छोर पर बसे उपमंडल फिरोजपुर झिरका पर लोगो को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए बने सी एच सी सेंटर पर आज तक एक्सरा मशीन मौजूद नही है। यही नही रोगियों की भिन्न-भिन्न बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक जांच भी 20 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल में करवानी पड़ रही है। 40 किलोमीटर छेत्र में फैले उपमंडल के 44 गांवो के 50 हजार लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मजबूरी में निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से लोगो केस्वास्थ्य सेवाओ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। मरीजो व तीमारदारों को बैठने के लिए कुर्सी तक का अभाव है मजबूरी में लोगो को ठंडी फर्श पर बैठना पड़ रहा है। अस्पताल में दवाई देने की विंडो एक है, महिलाओं रोगियों को अलग से विंडो न होने से पूरे दिन दवाई प्राप्त करने के लिए महिला रोगियों को पुरुषो के साथ लाइन में खड़े रहने पड़ता है।
प्रदेश स्वास्थ्य विभाग भले ही सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण व उपचार के लिए नई-,नई जांच मशीन प्रदान करने की बात करता हो,लेकिन फिरोजपुर झिरका में चल रहा सी एच सी सेंटर आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। सुविधाओं के अभाव में यंहा के लोगो को मजबूरी में निजी अस्पतालों में उपचार के लिए जाना पड़ रहा है।
गुरुवार को अस्पताल में उपचार कराने आई कोलगांव कि सकीला, समीरी ने बताया की काफी दिनों से खांसी व जुकाम है। डॉक्टरों ने जांच के लिए जिला अस्पताल मांडी खेड़ा भेज दिया है। 20 किलोमीटर दूर दो रक्खी से आये फजरुद्दीन ने कहा की अस्पताल के डॉक्टर छोटी-,छोटी बीमारियों व आपातकालिन उपचार के लिए तुरन्त दूसरे अस्पताल में रेफर करते है। इस अस्पताल में उपचार के नाम पर कुछ नही है।
इस सम्बंध में जिला सिविल सर्जन डॉ बातिश ने कहा कि नए भवन बनाने की राशि आ चुकी है, भवन बनने के बाद सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:अलग जिला बनने के 12 साल बाद भी नही बदली कम्युनिटी हेल्थ सेंटर की हालत, मूलभूत सुविधाओं से वंचित है रोगी।
गुड़गांव से अलग जिले बने नूह को 12 साल गुजर चुके है लेकिन उपमंडल पर बने कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के हालत आज भी पी एच सी भी बद्दतर है, यंहा के लोग मूलभूत सुविधाओं से कोसो दूर है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी व मरीजो के लिए एक्सरे मशीन से लेकर मरीजो को बैठने के लिए कुर्सी तक मौजूद नही है।
जिले के अंतिम छोर पर बसे उपमंडल फिरोजपुर झिरका पर लोगो को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए बने सी एच सी सेंटर पर आज तक एक्सरा मशीन मौजूद नही है। यही नही रोगियों की भिन्न-भिन्न बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक जांच भी 20 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल में करवानी पड़ रही है। 40 किलोमीटर छेत्र में फैले उपमंडल के 44 गांवो के 50 हजार लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मजबूरी में निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से लोगो केस्वास्थ्य सेवाओ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। मरीजो व तीमारदारों को बैठने के लिए कुर्सी तक का अभाव है मजबूरी में लोगो को ठंडी फर्श पर बैठना पड़ रहा है। अस्पताल में दवाई देने की विंडो एक है, महिलाओं रोगियों को अलग से विंडो न होने से पूरे दिन दवाई प्राप्त करने के लिए महिला रोगियों को पुरुषो के साथ लाइन में खड़े रहने पड़ता है।
प्रदेश स्वास्थ्य विभाग भले ही सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण व उपचार के लिए नई-,नई जांच मशीन प्रदान करने की बात करता हो,लेकिन फिरोजपुर झिरका में चल रहा सी एच सी सेंटर आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। सुविधाओं के अभाव में यंहा के लोगो को मजबूरी में निजी अस्पतालों में उपचार के लिए जाना पड़ रहा है।
गुरुवार को अस्पताल में उपचार कराने आई कोलगांव कि सकीला, समीरी ने बताया की काफी दिनों से खांसी व जुकाम है। डॉक्टरों ने जांच के लिए जिला अस्पताल मांडी खेड़ा भेज दिया है। 20 किलोमीटर दूर दो रक्खी से आये फजरुद्दीन ने कहा की अस्पताल के डॉक्टर छोटी-,छोटी बीमारियों व आपातकालिन उपचार के लिए तुरन्त दूसरे अस्पताल में रेफर करते है। इस अस्पताल में उपचार के नाम पर कुछ नही है।
इस सम्बंध में जिला सिविल सर्जन डॉ बातिश ने कहा कि नए भवन बनाने की राशि आ चुकी है, भवन बनने के बाद सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

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