इंडिया क्राईम तक न्यूज़
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:खाद्यआपूर्ति विभाग की मिलीभगत से गरीबो के राशन पर डाला जा रहा डाका।
फिरोजपुर झिरका जिला खाद्ध आपूर्ति विभाग गरीबों के राशन से खुलेआम डाका डाल कर प्रति माह लाखो रुपये के राशन को खुले बाजार बेच कर मुनाफा कमा रहे है।इस गोलमाल में विभाग में तैनात इंस्पेक्टर, स्टोर कीपर व अधिकारी तक सनलिप्त है।
प्राप्त सुत्रो के अनुसार बीपीएल परिवार के अलावा सरकार द्वारा ओपीएच कार्डधारको को हर माह ५ किलो गेंहू प्रति व्य1ित के हिसाब से दिया जाता है। यह राशन सरकारी गोदाम से सीधा डिपो धारक के प्वाईंट पर पहुंचता है। सरकारी गोदाम से राशन उठान की जि6मेवारी स्टोरकीपर की होती है। गोदाम से जारी होने वाले स्टाक जूट के कट्टों में भरा होता है।
सरकार द्वारा कट्टे का वजन अलग से दिया जाता है ज4िक स्टोरकीपर अपने उच्च अधिकारियों से सांठ9गांठ कर डिपोधारको को कटटे के अतिरि1त वजन को नहीं देता । विभाग के दागदार इंस्पे1टर जिनके पास स्टोरकीपर का भी अतिरि1त चार्ज है अवसर देख इस बढे हुए वजन वाले राशन को बाजार में कालाबाजारी कर अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं। ऐसा नहीं है कि इस संबंध में विभाग के आला अधिकारियों को भनक नहीं है लेकिन मोटा हिस्सा मिल जाने के कारण विभाग के आला अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार पूरे जिले में लगभग २८ हजार 1िवंटल के करीब गेंहू प्रति माह उपभो1ताओं के लिए जारी होता है। २८ हजार 1िवंटल गेंहू लग5ाग ५६ हजार कट्टों में आता है। सरकार द्वारा ५० किलोग्राम के कट्टे पर ६०० ग्राम वजन अलग से दिया जाता है। सरकार के नियम अनुसार हिसाब लगाया जाए तो अकेले मेवात जिले में स्पलाई होने वाले लग5ाग ५६ हजार जूट के कट्टों का अलग से बारदाने का वजन लगभग ३३६ 1िवंटल के करीब बनता है जिसकी बाजार में कीमत लग5ाग ७ लाख रूपए बनती है। सुत्रो की माने तो बारदाने के रूप में अलग से मिलने वाले इस राशन को विभाग का स्टोरकीपर अधिकारियों से सांठ9गांठ कर बाजार में बेच अपनी जेबे भरने में लगे हुए हैं।
बी पी एल परिवार के सदस्य हकमुद्दीन,जेकम,खलील,साजिदा, फखरुद्दीन तिगांव का कहना है कि विभाग के अधिकारी बड़ी ईमानदारी से गरीबो के राशन को डकार है। बारदाने यानि(बोरी) के वजन के रूप में जो राशन कम दिया जा रहा है। वह सीधे रूप से गरीबो के राशन को प्रभावित करता है। गरीबो ने कहा की विभाग के अधिकारियों की इस तरह की धोखाधड़ी को बंद करना चाहिये।
इस सम्बन्ध में जिला खाद्ध अधिकारी सीमा शर्मा ने कहा कि इस मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:खाद्यआपूर्ति विभाग की मिलीभगत से गरीबो के राशन पर डाला जा रहा डाका।
फिरोजपुर झिरका जिला खाद्ध आपूर्ति विभाग गरीबों के राशन से खुलेआम डाका डाल कर प्रति माह लाखो रुपये के राशन को खुले बाजार बेच कर मुनाफा कमा रहे है।इस गोलमाल में विभाग में तैनात इंस्पेक्टर, स्टोर कीपर व अधिकारी तक सनलिप्त है।
प्राप्त सुत्रो के अनुसार बीपीएल परिवार के अलावा सरकार द्वारा ओपीएच कार्डधारको को हर माह ५ किलो गेंहू प्रति व्य1ित के हिसाब से दिया जाता है। यह राशन सरकारी गोदाम से सीधा डिपो धारक के प्वाईंट पर पहुंचता है। सरकारी गोदाम से राशन उठान की जि6मेवारी स्टोरकीपर की होती है। गोदाम से जारी होने वाले स्टाक जूट के कट्टों में भरा होता है।
सरकार द्वारा कट्टे का वजन अलग से दिया जाता है ज4िक स्टोरकीपर अपने उच्च अधिकारियों से सांठ9गांठ कर डिपोधारको को कटटे के अतिरि1त वजन को नहीं देता । विभाग के दागदार इंस्पे1टर जिनके पास स्टोरकीपर का भी अतिरि1त चार्ज है अवसर देख इस बढे हुए वजन वाले राशन को बाजार में कालाबाजारी कर अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं। ऐसा नहीं है कि इस संबंध में विभाग के आला अधिकारियों को भनक नहीं है लेकिन मोटा हिस्सा मिल जाने के कारण विभाग के आला अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार पूरे जिले में लगभग २८ हजार 1िवंटल के करीब गेंहू प्रति माह उपभो1ताओं के लिए जारी होता है। २८ हजार 1िवंटल गेंहू लग5ाग ५६ हजार कट्टों में आता है। सरकार द्वारा ५० किलोग्राम के कट्टे पर ६०० ग्राम वजन अलग से दिया जाता है। सरकार के नियम अनुसार हिसाब लगाया जाए तो अकेले मेवात जिले में स्पलाई होने वाले लग5ाग ५६ हजार जूट के कट्टों का अलग से बारदाने का वजन लगभग ३३६ 1िवंटल के करीब बनता है जिसकी बाजार में कीमत लग5ाग ७ लाख रूपए बनती है। सुत्रो की माने तो बारदाने के रूप में अलग से मिलने वाले इस राशन को विभाग का स्टोरकीपर अधिकारियों से सांठ9गांठ कर बाजार में बेच अपनी जेबे भरने में लगे हुए हैं।
बी पी एल परिवार के सदस्य हकमुद्दीन,जेकम,खलील,साजिदा, फखरुद्दीन तिगांव का कहना है कि विभाग के अधिकारी बड़ी ईमानदारी से गरीबो के राशन को डकार है। बारदाने यानि(बोरी) के वजन के रूप में जो राशन कम दिया जा रहा है। वह सीधे रूप से गरीबो के राशन को प्रभावित करता है। गरीबो ने कहा की विभाग के अधिकारियों की इस तरह की धोखाधड़ी को बंद करना चाहिये।
इस सम्बन्ध में जिला खाद्ध अधिकारी सीमा शर्मा ने कहा कि इस मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

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