इंडिया क्राईम तक न्यूज
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:बडेड में चल रहे अवैध रास्तों को चांदडाका चौकी पुलिस ने जेसीबी से कटवाया।
मेवात पुन्हाना खंड के गांव बडेड में चल रहे माइनिंग के अवैध रास्तों को पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर शनिवार को कटवा दिया। जिससे ग्रामीणों ने राहत की संास ली है। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ रास्तों से अवैध खनन की सामग्री लेकर वाहनों की आवाजाही रहती थी, जिससे ग्रामीण तंग आ चुके थे।
चांदडका पुलिस चौकी इंचार्ज विरेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने उनसे शिकायत की है कि राजस्थान के नांगल क्षेत्र में खनन कार्य जोरों पर चल रहा है, जिसकी सामग्री को ट्रेक्टर व डंपरों में भरकर हरियाणा के क्षेत्र बडेड के चोर रास्तों से निकाला जाता है। राजस्थान क्षेत्र से खनिज सामग्री ढोने वाले ट्रेक्टर व डंपरों के उत्पात से जब ग्रामीण तंग आ गए तो पुलिस चौकी चांदडाका में शिकायत करके चोर रास्तों को कटवा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि रास्तों को इसी तरह सैंकडों बार कटवाया जा चुका है, लेकिन आज तक माइनिंग के अवैध रास्तों पर पूरी तरह पाबंदी नहीं लगी है। पुलिस या वन विभाग ने जब भी इन रास्तों को कटवाया है। खनन माफिया एक या दो दिन बाद ही इन्हें चालू कर लेते हैं।
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:बडेड में चल रहे अवैध रास्तों को चांदडाका चौकी पुलिस ने जेसीबी से कटवाया।
मेवात पुन्हाना खंड के गांव बडेड में चल रहे माइनिंग के अवैध रास्तों को पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर शनिवार को कटवा दिया। जिससे ग्रामीणों ने राहत की संास ली है। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ रास्तों से अवैध खनन की सामग्री लेकर वाहनों की आवाजाही रहती थी, जिससे ग्रामीण तंग आ चुके थे।
चांदडका पुलिस चौकी इंचार्ज विरेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने उनसे शिकायत की है कि राजस्थान के नांगल क्षेत्र में खनन कार्य जोरों पर चल रहा है, जिसकी सामग्री को ट्रेक्टर व डंपरों में भरकर हरियाणा के क्षेत्र बडेड के चोर रास्तों से निकाला जाता है। राजस्थान क्षेत्र से खनिज सामग्री ढोने वाले ट्रेक्टर व डंपरों के उत्पात से जब ग्रामीण तंग आ गए तो पुलिस चौकी चांदडाका में शिकायत करके चोर रास्तों को कटवा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि रास्तों को इसी तरह सैंकडों बार कटवाया जा चुका है, लेकिन आज तक माइनिंग के अवैध रास्तों पर पूरी तरह पाबंदी नहीं लगी है। पुलिस या वन विभाग ने जब भी इन रास्तों को कटवाया है। खनन माफिया एक या दो दिन बाद ही इन्हें चालू कर लेते हैं।

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