इंडिया क्राईम तक न्यूज़
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:कुर्थला गांव को इंतजार, फिरोजपुर झिरका कॉलेज की 25 को आधारशिला रखेंगे सीएम
फिरोजपुर झिरका में 12 करोड़ की लागत से 10 एकड़ भूमि पर बनेगा कॉलेज
सरकारी कॉलेज खोलने के लिए मेवात आरटीआई मंच कर रही दशक से संघर्ष
महिला कॉलेज पुन्हाना के बाद तावडू के बिस्सर और अब फिरोजपुर झिरका के अरावली से सटे श्मशान घाट के पीछे एक सरकारी कॉलेज 25 जनवरी को खोला जाना है। जिसकी आधारशिला हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खोड-बसई गांव से रखेंगे। शैक्षणिक सत्र 2019-20 से कक्षाएं लगेंगी। इस कॉलेज के लिए एक दशक से संघर्ष कर रहे है मशहूर समाज सुधारक राजुद्दीन सत्यमेव ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा की तरफ से फोन आया। जिसमें मेरे दो-तीन पत्रों के जवाब में कहा फिरोजपुर झिरका कॉलेज का शिलान्यास पत्थर 25 को लगना है। जवाब आपको भेजा जा रहा है। मुझे खुशी है कि हमारे एक दशक से लंबे संघर्ष व धरना-प्रदर्शनों की बदौलत ये दिन देखने को मिला। गत छह वर्ष में 17 बार धरने हुए उन सभी में फिरोजपुर झिरका में सरकारी कॉलेज खोलने की मांग मुख्य रही थी। कॉलेज बनाने से खंड की 2 लाख से अधिक आबादी को बेहतर शिक्षा मिलेगी। समाज सुधारक राजुद्दीन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सरकार बनने के बाद 2015 में सबसे पहले हरेक 20 किलोमीटर की दूरी पर एक सरकारी कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। उसी के चलते पुन्हाना खंड 2015 और तावडू खंड के बिस्सर गांव में 30 दिसंबर 2018 आधारशिला रखी गई थी। गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले फिरोजपुर झिरका के 96 गांवों के यह बड़ी सौगात होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले नगीना 1961, सालाहेड़ी में 2013 तथा तावडू में 1989 में कॉलेज बन चुके हैं। वहीं नूंह में सरकारी सहायता प्राप्त यासीन मेव कॉलेज की स्थापना 27 जुलाई 1971 में हुई थी। इसके अलावा फिरोजपुर झिरका में एक गैरसरकारी महिला कॉलेज लंबे वक्त से चल रहा है। अभी भी पिनगवां व उजीना में सरकारी कॉलेज खोलने की कार्ययोजना फाईल में है। गोवा विमान हादसे में 24 मार्च 2015 को मौत की शिकार हुई शहीद किरण शेखावत के गांव में सीएम घोषणा के बावजूद कुर्थला गांव में महिला कॉलेज नहीं खुला है। इससे कुर्थला के लोगों में निश्चित तौर पर रोष है। तीन साल बाद भी घोषणा अधूरे है। ये विडंबना है कि लेफ्टिनेंट शहीद किरण शेखावत के कुर्थला गांव में सरकारी कॉलेज खोलने के वादे झूठे साबित हुए है।
48 गांवों को फायदा:
मेवात आरटीआई मंच ने बताया कि फिरोजपुर झिरका ब्लॉक के 66 गांव को सरकारी कॉलेज का फायदा मिलेगा। राजस्थान के भरतपुर और अलवर जिलों से सटे फिरोजपुर झिरका के लोग भी लाभ उठा पाएंगे। अब केवल 20 से 25 किलोमीटर दूर ये नया कॉलेज पड़ेगा।
छोड़ दिया टेंडर:
लोक निर्माण विभाग फिरोजपुर झिरका के एसडीई धर्म प्रकाश ने बताया कि फिरोजपुर झिरका में बनने वाले नए कॉलेज का टेंडर सी-केंट नामक कंपनी ने लिया है। जो 18 महीने के अंदर 12 करोड़ 10 एकड़ भूमि पर आलीशान भवन बनाएगी।
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:कुर्थला गांव को इंतजार, फिरोजपुर झिरका कॉलेज की 25 को आधारशिला रखेंगे सीएम
फिरोजपुर झिरका में 12 करोड़ की लागत से 10 एकड़ भूमि पर बनेगा कॉलेज
सरकारी कॉलेज खोलने के लिए मेवात आरटीआई मंच कर रही दशक से संघर्ष
महिला कॉलेज पुन्हाना के बाद तावडू के बिस्सर और अब फिरोजपुर झिरका के अरावली से सटे श्मशान घाट के पीछे एक सरकारी कॉलेज 25 जनवरी को खोला जाना है। जिसकी आधारशिला हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खोड-बसई गांव से रखेंगे। शैक्षणिक सत्र 2019-20 से कक्षाएं लगेंगी। इस कॉलेज के लिए एक दशक से संघर्ष कर रहे है मशहूर समाज सुधारक राजुद्दीन सत्यमेव ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा की तरफ से फोन आया। जिसमें मेरे दो-तीन पत्रों के जवाब में कहा फिरोजपुर झिरका कॉलेज का शिलान्यास पत्थर 25 को लगना है। जवाब आपको भेजा जा रहा है। मुझे खुशी है कि हमारे एक दशक से लंबे संघर्ष व धरना-प्रदर्शनों की बदौलत ये दिन देखने को मिला। गत छह वर्ष में 17 बार धरने हुए उन सभी में फिरोजपुर झिरका में सरकारी कॉलेज खोलने की मांग मुख्य रही थी। कॉलेज बनाने से खंड की 2 लाख से अधिक आबादी को बेहतर शिक्षा मिलेगी। समाज सुधारक राजुद्दीन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सरकार बनने के बाद 2015 में सबसे पहले हरेक 20 किलोमीटर की दूरी पर एक सरकारी कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। उसी के चलते पुन्हाना खंड 2015 और तावडू खंड के बिस्सर गांव में 30 दिसंबर 2018 आधारशिला रखी गई थी। गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले फिरोजपुर झिरका के 96 गांवों के यह बड़ी सौगात होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले नगीना 1961, सालाहेड़ी में 2013 तथा तावडू में 1989 में कॉलेज बन चुके हैं। वहीं नूंह में सरकारी सहायता प्राप्त यासीन मेव कॉलेज की स्थापना 27 जुलाई 1971 में हुई थी। इसके अलावा फिरोजपुर झिरका में एक गैरसरकारी महिला कॉलेज लंबे वक्त से चल रहा है। अभी भी पिनगवां व उजीना में सरकारी कॉलेज खोलने की कार्ययोजना फाईल में है। गोवा विमान हादसे में 24 मार्च 2015 को मौत की शिकार हुई शहीद किरण शेखावत के गांव में सीएम घोषणा के बावजूद कुर्थला गांव में महिला कॉलेज नहीं खुला है। इससे कुर्थला के लोगों में निश्चित तौर पर रोष है। तीन साल बाद भी घोषणा अधूरे है। ये विडंबना है कि लेफ्टिनेंट शहीद किरण शेखावत के कुर्थला गांव में सरकारी कॉलेज खोलने के वादे झूठे साबित हुए है।
48 गांवों को फायदा:
मेवात आरटीआई मंच ने बताया कि फिरोजपुर झिरका ब्लॉक के 66 गांव को सरकारी कॉलेज का फायदा मिलेगा। राजस्थान के भरतपुर और अलवर जिलों से सटे फिरोजपुर झिरका के लोग भी लाभ उठा पाएंगे। अब केवल 20 से 25 किलोमीटर दूर ये नया कॉलेज पड़ेगा।
छोड़ दिया टेंडर:
लोक निर्माण विभाग फिरोजपुर झिरका के एसडीई धर्म प्रकाश ने बताया कि फिरोजपुर झिरका में बनने वाले नए कॉलेज का टेंडर सी-केंट नामक कंपनी ने लिया है। जो 18 महीने के अंदर 12 करोड़ 10 एकड़ भूमि पर आलीशान भवन बनाएगी।

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