इंडिया क्राईम तक न्यूज़
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:गण की मजबूत आवाज के आगे झुक गया तंत्र
22 गांवों के शहीदों की बेटियां उच्च शिक्षा से नहीं रहेंगी वंचित
हरेक साल ड्राप्ट आउट होती थे 1100 बच्चे
यदि गण की मजबूत आवाज है तो तंत्र को कभी भी झुकाया जा सकता है। इसकी जीती जागती मिसाल नगीना क्षेत्र के लोगों ने पेश की है। शहीदों के ऐसे 22 गांव थे जहां आजादी के बाद से पढ़ने के लिए 12वीं का स्कूल नहीं था। इसीलिए हर 1 साल 11 से अधिक लड़के लड़कियां तालीम से वंचित रह जाते थे। सोच समझ कर लोगों ने एक सामाजिक संगठन मेवात आरटीआई मंच के बैनर तले आवाज बुलंद की और कामयाबी कदम छूने लगी। ठीक गणतंत्र दिवस से पहले हरियाणा सरकार ने इन शहीदों के स्कूलों को अपग्रेड कर दिया है। देर से ही सही परंतु देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों के लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि है। गणतंत्र दिवस की सौगात मानकर नगीना क्षेत्र के दो दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने लड्डू बांटे। हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा कहतेे हैं मेहनत का फल मिलता है। इन गांव में स्कूलों का अपग्रेड करने की आवश्यकता भी थी इसलिए मुख्यमंत्री शहीदों के गांव में स्कूल अपग्रेड करने का अलग से ऐलान किया। मेवात के प्रख्यात समाज सुधारक राजुद्दीन सत्यमेव जंग ने बताया कि आजादी के 72 साल बाद 12वीं तक के स्कूल मिले है। जिस कारण अधिकतर लड़कियां पढाई छोड़कर घर बैठ जाती थी। मांड़ीखेड़ा गांव का स्कूल तो 1969 से 10वीं था उसे 50 साल बाद 12वीं मान्यता मिली। इन गांवों के लोगों की खुशी सातवें आसमान पर है। शिक्षक मुंशीराम ने कहा कि पहली बार 30 जनवरी 2018 को बच्चों व शिक्षकों के सामने राजुद्दीन मेव ने अनिश्चित आंदोलन का ऐलान किया था। एक फरवरी को चिट्ठी भेजी जिसका जिक्र प्रधान मंत्री कार्यालय ने अपने पत्र में किया है। सबसे पहले जुलाई के आखिर में पीएम के आदेश पर सीएम अनुमोदन करते हुए दर्जा बढ़ाया तथा शैक्षणिक सत्र 2019-20 से कक्षाएं लगाने की मंजूरी मिली। मांड़ीखेड़ा के साथ बने 67 स्कूल अपग्रेड हुए लेकिन गांव की राजनीति व क्षेत्र के कुछ लोगों ने जानबूझ कर दरकिनार किया। आज उसी की बदौलत मांड़ीखेड़ा व मुलथान स्कूल 12वीं का दर्जा पाने में कामयाब रहे। शुक्रवार को राजकीय माध्यमिक विद्यालय मूलथान को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का दर्जा तथा राजकीय उच्च विद्यालय मांड़ीखेड़ा को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का दर्जा मिलने और कक्षाऐं इसी शैक्षणिक सत्र से लगाने पर ग्रामीणों सैंकड़ों की तादाद में एकजुट होकर खुशी मनाई। लोगों ने सामाजिक संगठन मेवात आरटीआई मंच को बधाई दी। मूलथान के मुख्याध्यापक पवन कुमार सैनी, मास्टर दिनेश कुमार जाटका, उपाध्यक्ष कवि इलियास प्रधान, राहुल सिंगला, ड़ॉक्टर वली मोहम्मद कंसाली, शिक्षाविद्ध मुनीराम जैन, मूलथान गांव के सरपंच नसीम व पूर्व सरपंच सोहराब खान का कहना है कि हमने मांड़ीखेड़ा अड्डे पर 10 दिन तथा मूलथान स्कूल के लिए करहेड़ा चौक पर गतवर्ष 5 दिन का धरना दिया था। तब जाकर हरियाणा सरकार ने दोनों विद्यालय को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अपग्रेड किया है। मूलथान गांव के इशाक, प्रजापत समाज के पूर्व प्रधान नन्दकिशोर प्रजापति, नसीम पूर्व पंच सांठावाड़ी, इमरान बसई, बलबीर, ताहिर हुसैन खेड़़ीकलां, शहीद ठैकेदार, शेरसिंह, संघ प्रचारक नितिन दूबे, आरिफ, सकील, इरफान, जमील कोटला, खालिद उलेटा समेत करहेड़ा, मूलथान, घागस, कंसाली, कोटला, भूडबास, उलेटा, जैताका, अकलीमपुर, मांड़ीखेड़ा के लोग मौजूद रहे।
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:गण की मजबूत आवाज के आगे झुक गया तंत्र
22 गांवों के शहीदों की बेटियां उच्च शिक्षा से नहीं रहेंगी वंचित
हरेक साल ड्राप्ट आउट होती थे 1100 बच्चे
यदि गण की मजबूत आवाज है तो तंत्र को कभी भी झुकाया जा सकता है। इसकी जीती जागती मिसाल नगीना क्षेत्र के लोगों ने पेश की है। शहीदों के ऐसे 22 गांव थे जहां आजादी के बाद से पढ़ने के लिए 12वीं का स्कूल नहीं था। इसीलिए हर 1 साल 11 से अधिक लड़के लड़कियां तालीम से वंचित रह जाते थे। सोच समझ कर लोगों ने एक सामाजिक संगठन मेवात आरटीआई मंच के बैनर तले आवाज बुलंद की और कामयाबी कदम छूने लगी। ठीक गणतंत्र दिवस से पहले हरियाणा सरकार ने इन शहीदों के स्कूलों को अपग्रेड कर दिया है। देर से ही सही परंतु देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों के लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि है। गणतंत्र दिवस की सौगात मानकर नगीना क्षेत्र के दो दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने लड्डू बांटे। हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा कहतेे हैं मेहनत का फल मिलता है। इन गांव में स्कूलों का अपग्रेड करने की आवश्यकता भी थी इसलिए मुख्यमंत्री शहीदों के गांव में स्कूल अपग्रेड करने का अलग से ऐलान किया। मेवात के प्रख्यात समाज सुधारक राजुद्दीन सत्यमेव जंग ने बताया कि आजादी के 72 साल बाद 12वीं तक के स्कूल मिले है। जिस कारण अधिकतर लड़कियां पढाई छोड़कर घर बैठ जाती थी। मांड़ीखेड़ा गांव का स्कूल तो 1969 से 10वीं था उसे 50 साल बाद 12वीं मान्यता मिली। इन गांवों के लोगों की खुशी सातवें आसमान पर है। शिक्षक मुंशीराम ने कहा कि पहली बार 30 जनवरी 2018 को बच्चों व शिक्षकों के सामने राजुद्दीन मेव ने अनिश्चित आंदोलन का ऐलान किया था। एक फरवरी को चिट्ठी भेजी जिसका जिक्र प्रधान मंत्री कार्यालय ने अपने पत्र में किया है। सबसे पहले जुलाई के आखिर में पीएम के आदेश पर सीएम अनुमोदन करते हुए दर्जा बढ़ाया तथा शैक्षणिक सत्र 2019-20 से कक्षाएं लगाने की मंजूरी मिली। मांड़ीखेड़ा के साथ बने 67 स्कूल अपग्रेड हुए लेकिन गांव की राजनीति व क्षेत्र के कुछ लोगों ने जानबूझ कर दरकिनार किया। आज उसी की बदौलत मांड़ीखेड़ा व मुलथान स्कूल 12वीं का दर्जा पाने में कामयाब रहे। शुक्रवार को राजकीय माध्यमिक विद्यालय मूलथान को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का दर्जा तथा राजकीय उच्च विद्यालय मांड़ीखेड़ा को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का दर्जा मिलने और कक्षाऐं इसी शैक्षणिक सत्र से लगाने पर ग्रामीणों सैंकड़ों की तादाद में एकजुट होकर खुशी मनाई। लोगों ने सामाजिक संगठन मेवात आरटीआई मंच को बधाई दी। मूलथान के मुख्याध्यापक पवन कुमार सैनी, मास्टर दिनेश कुमार जाटका, उपाध्यक्ष कवि इलियास प्रधान, राहुल सिंगला, ड़ॉक्टर वली मोहम्मद कंसाली, शिक्षाविद्ध मुनीराम जैन, मूलथान गांव के सरपंच नसीम व पूर्व सरपंच सोहराब खान का कहना है कि हमने मांड़ीखेड़ा अड्डे पर 10 दिन तथा मूलथान स्कूल के लिए करहेड़ा चौक पर गतवर्ष 5 दिन का धरना दिया था। तब जाकर हरियाणा सरकार ने दोनों विद्यालय को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अपग्रेड किया है। मूलथान गांव के इशाक, प्रजापत समाज के पूर्व प्रधान नन्दकिशोर प्रजापति, नसीम पूर्व पंच सांठावाड़ी, इमरान बसई, बलबीर, ताहिर हुसैन खेड़़ीकलां, शहीद ठैकेदार, शेरसिंह, संघ प्रचारक नितिन दूबे, आरिफ, सकील, इरफान, जमील कोटला, खालिद उलेटा समेत करहेड़ा, मूलथान, घागस, कंसाली, कोटला, भूडबास, उलेटा, जैताका, अकलीमपुर, मांड़ीखेड़ा के लोग मौजूद रहे।

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