मेवात क्राईम तक न्यूज़
मजदूरों को बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बंगाल और राजस्थान भेजने के लिए कसी कमर: राजुद्दीन जंग
मेवात आरटीआई मंच ने दुबई मैनेजर मोहम्मद हनीफ की अगुवाई में कई तीसरे चरण का शुरूआत
झुग्गी झोपड़ियों व मजदूरों को दिया एक सप्ताह का राशन
बिलाल अहमद/ब्यूरो नूह मेवात।
कोरोना वायरस महामारी के दौरान लाॅकडाउन में फंसे पिनगवां, नगीना, बडकली, फिरोजपुर, मढी, खेडलीनूंह, गुमटबिहारी, नूंह रोड, फिरोजपुर झिरका रोड, मांडीखेड़ा, नाईनंगला, उमरा, खानपुर, उमरी और आसपास के गांवों व कस्बों तक मेवात क्षेत्र के सबसे विश्वसनीय अग्रणी सामाजिक संगठन मेवात आरटीआई मंच अपने संसाधनों एवं बलबूते भोजन और सूखा राशन उपलब्ध करा रही है।
रविवार को दुबई में कंपनी मैनेजर मोहम्मद हनीफ खान ने मेवात आरटीआई मंच के तीसरे चरण की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि रमजान मुबारक के इबादत वाले महीने में गरीबों-मजदूरों की मदद करने से शांति मिलती है। जकात और फितरा के अलावा झुग्गी झोपड़ियों में गरीबों की मदद करनी रहनी है।
मेवात आरटीआई मंच के राष्ट्रीय संयोजक राजुद्दीन जंग ने बताया कि लाॅकडाउन को दो महीने होने वाले हैं और मेवात आरटीआई मंच की टीम स्वयंसेवकों के साथ लगा हुआ है। राजुद्दीन मेव ने कहा कि मजदूरों को बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बंगाल और राजस्थान भेजने के प्रयास जारी हैं। कुछ भेजें भी जा चुके हैं।
समाजसेवी जान मोहम्मद अटेरना अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष कहते हैं कि किसी को भूखा नहीं सोने नहीं देंगे। झुग्गी झोपड़ियों में गरीबों को राशन लगातार दिया जा रहा है। वहीं फंसे हुए मजदूरों को भोजन व राशन देने काम मेवात आरटीआई मंच के बैनर तले करने में जुटे हुए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता मुबारिक अटेरना व कबीर जलालपुर और मौलवी मोहम्मद इरशाद जलालपुर फिरोजपुर का कहना है कि कोरोना लाॅकडाउन से मजदूरों व झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले गरीबों की हालत खराब हुई है। भूख से परेशान गरीबों मजदूरों को दो वक्त का खाना देने का प्रयास मेवात आरटीआई मंच ने किया है। ये अभियान लाॅकडाउन खत्म होने तक चलेगा। पुराने पेट्रोल पंप के सामने की झुग्गियों, धर्मकांटा के पीछे, मुंडल की कोठी के पीछे और नगीना करहेडा पर प्राईमरी स्कूल के सामने सूखा राशन दिया है। इस अवसर सैफ अटेरना व अन्य मौजूद रहे।


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