मेवात क्राईम तक न्यूज़
मेवात में फंसे मजदूरों को भूख से नहीं मरने देंगेः मेवात आरटीआई मंच
ईद से पहले घर पहुंचेंगे मेवात में फंसे मजदूर
बिलाल अहमद/ब्यूरो नूह मेवात।
अभी भी मेवात जिले में एक हजार के करीब मजदूर विभिन्न निर्माणाधीन स्थानों पर फंसे हुए हैं। उन्हें सकुशल उनके घरों तक पहुंचाने के लिए ई-दिशा पर लगातार पंजीकरण किया जा रहा है। उम्मीद है कि ईद के त्यौहार से पहले सभी मजदूर अपने घरों पर पहुंच जाएंगे। लाॅकडाउन हटाने की कोई समय सीमा नहीं है। हमारा कर्तव्य है कि कोई जिले में भूख से न मरे इसीलिए मेवात आरटीआई मंच मजदूरों और झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले गरीबों के लिए दो वक्त का भोजन उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है। यह बातें मेवात आरटीआई मंच के राष्ट्रीय संयोजक राजूद्दीन ने पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने शनिवार को कहा कि फिरोजपुर झिरका, नगीना, पिनगवां और बड़कली आसपास के क्षेत्रों व गांवों में फंसे मजदूरों तक लगातार मदद पहुंचाने का काम किया जा रहा है। राजुद्दीन ने कहा कि हम मजदूरों को एक-एक सप्ताह का सूखा राशन दे रहे हैं। यही तरीका झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीबों के लिए अपनाया गया है। अब तक 315 मजदूरों का पंजीकरण ई-दिशा पर किया जा चुका है जो मजदूर बगैर पंजीकरण के बचे हैं उनका पंजीकरण भी एक-दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा। शनिवार को उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण हुए लाॅकडाउन से ही सामाजिक संगठन मेवात आरटीआई मंच मदद करने में जुकाम है। हमारे कार्यकर्ता दिन रात मेहनत कर रहे हैं और ऐसे मजदूरों व झुग्गी झोपड़ी रहने वाले गरीबों के लिए सूखा राशन पेयजल व हरी सब्जियां और दूध उपलब्ध करा रहे हैं जो मजबूर है। समाजसेवी राजुद्दीन ने बताया कि बीएलओ व पुलिस टीम की निगरानी में गरीबों और मजदूरों को मेवात आरटीआई मंच खरीद कर राशन बांट रही है। टीम में मुबारिक, जान मोहम्मद, मौलवी मोहम्मद इरशाद, सैफ, कबीर आदि शामिल हैं।


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