खास खबर:अचानक फ़िरोजपुर झिरका थाने औचक निरीक्षण करने पहुंचे एसपी,कहा झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों की खैर नही।
इंडिया क्राईम तक न्यूज़
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:अचानक फ़िरोजपुर झिरका थाने औचक निरीक्षण करने पहुंचे एसपी,कहा झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों की खैर नही।
जिले में 500 मुकदमे फर्जी पाए गए है। इन मुकदमो की जांच कर शिकायत कर्ताओ के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से 182 लगाने की सिफारिश की गई है।
यह जानकारी जिला पुलिस कप्तान राजेश दुग्गल ने मंगलवार को फिरोजपुर झिरका थाना के औचक निरीक्षण के दौरान कही।
जिला पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने थाने का औचक निरीक्षण के उपरांत कहा कि एक सप्ताह पूर्व अंग्रेजी अखबार में जिले के कई गांवों में अवैध हथियार बनाने की खबर पूरी तरह असत्य व तथ्यों पर आधारित नही है। यह खबर मेवात को बदनाम करने के लिए छापी गई है। दुग्गल ने कहा कि इस सम्बंध में अखबार के संवाददाता के खिलाफ समय आने पर पुलिस मुकदमा दर्ज करने से पीछे नही हटेगी। उन्होंने कहा कि जिले का क्राइम दर निरन्तर कम होता जा रहा है। जिला पुलिस कड़ी मेहनत से टटलू गिरोह,लूट व डकैती जैसी वारदातों पर जनता के सहयोग से अंकुश लगाने में कामयाब हो रही है। राजेश कुमार ने कहा कि मेरे आने के बाद गोतशकरी व गोवध पर काफी हद तक पाबन्दी लगाई है। पुलिस का यह सराहनीय काम है।
राजेश कुमार ने कहा कि जिले में अपराध रोकने के लिए पुलिस की पर्याप्त संख्या व संशाधन है। उन्होंने कहा यदि पुलिस की संख्या और बढ़ती है तो पुलिस व जनता दोनों के लिए अच्छा है। राजेश कुमार ने कहा कि मुकदमा दर्ज कराना शिकायत कर्ता का मौलिक अधिकार है।
मुकदमा का सत्यापन व जांच कर सच व झूठ का पता लगाना पुलिस का अधिकार है। उन्होंने कहा कि झूठे मुकदमो की जांच कर कार्यवाही करने में डेढ़ से दो साल तक का समय लग जाता है। लेकिन पुलिस की ओर से फर्जी मुकदमो में कार्यवाही अवश्य की जा रही है। उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर कहा कि जिले में दुर्गा वाहिनी काम कर रही है। लड़कियों को कालेज व स्कूल में जाकर महिला पुलिस द्वारा आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मेवात में लड़कियों के पास एंड्राइड फ़ोन न होने से थोड़ी परेशानी है। ओवरलोड डम्परों पर अंकुश लगाना सिर्फ पुलिस का काम नही है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किये गए है। कोई भी अधिकारी ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की मांग करता है तो उस अधिकारी को पुलिस दी जाती है। उन्होंने पुलिस थाने के समक्ष दिल्ली-अलवर मार्ग पर अवरोधक के रूप में पड़े पत्थरों को हटाने के निर्देश दिए।
इस मौके पर उनके साथ फिरोजपुर झिरका डी एस पी ब्रहमसिंह, थाना प्रभारी कुलदीप सिंह, शहर पुलिस चौकी प्रभारी जगदीश कुमार,झिरका अपराध शाखा के इंचार्ज बसीर खान के अलावा उनका सुरक्षास्टाफ़ व थाने का समस्त स्टाफ मौजूद था।
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:अचानक फ़िरोजपुर झिरका थाने औचक निरीक्षण करने पहुंचे एसपी,कहा झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों की खैर नही।
जिले में 500 मुकदमे फर्जी पाए गए है। इन मुकदमो की जांच कर शिकायत कर्ताओ के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से 182 लगाने की सिफारिश की गई है।
यह जानकारी जिला पुलिस कप्तान राजेश दुग्गल ने मंगलवार को फिरोजपुर झिरका थाना के औचक निरीक्षण के दौरान कही।
जिला पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने थाने का औचक निरीक्षण के उपरांत कहा कि एक सप्ताह पूर्व अंग्रेजी अखबार में जिले के कई गांवों में अवैध हथियार बनाने की खबर पूरी तरह असत्य व तथ्यों पर आधारित नही है। यह खबर मेवात को बदनाम करने के लिए छापी गई है। दुग्गल ने कहा कि इस सम्बंध में अखबार के संवाददाता के खिलाफ समय आने पर पुलिस मुकदमा दर्ज करने से पीछे नही हटेगी। उन्होंने कहा कि जिले का क्राइम दर निरन्तर कम होता जा रहा है। जिला पुलिस कड़ी मेहनत से टटलू गिरोह,लूट व डकैती जैसी वारदातों पर जनता के सहयोग से अंकुश लगाने में कामयाब हो रही है। राजेश कुमार ने कहा कि मेरे आने के बाद गोतशकरी व गोवध पर काफी हद तक पाबन्दी लगाई है। पुलिस का यह सराहनीय काम है।
राजेश कुमार ने कहा कि जिले में अपराध रोकने के लिए पुलिस की पर्याप्त संख्या व संशाधन है। उन्होंने कहा यदि पुलिस की संख्या और बढ़ती है तो पुलिस व जनता दोनों के लिए अच्छा है। राजेश कुमार ने कहा कि मुकदमा दर्ज कराना शिकायत कर्ता का मौलिक अधिकार है।
मुकदमा का सत्यापन व जांच कर सच व झूठ का पता लगाना पुलिस का अधिकार है। उन्होंने कहा कि झूठे मुकदमो की जांच कर कार्यवाही करने में डेढ़ से दो साल तक का समय लग जाता है। लेकिन पुलिस की ओर से फर्जी मुकदमो में कार्यवाही अवश्य की जा रही है। उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर कहा कि जिले में दुर्गा वाहिनी काम कर रही है। लड़कियों को कालेज व स्कूल में जाकर महिला पुलिस द्वारा आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मेवात में लड़कियों के पास एंड्राइड फ़ोन न होने से थोड़ी परेशानी है। ओवरलोड डम्परों पर अंकुश लगाना सिर्फ पुलिस का काम नही है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किये गए है। कोई भी अधिकारी ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की मांग करता है तो उस अधिकारी को पुलिस दी जाती है। उन्होंने पुलिस थाने के समक्ष दिल्ली-अलवर मार्ग पर अवरोधक के रूप में पड़े पत्थरों को हटाने के निर्देश दिए।
इस मौके पर उनके साथ फिरोजपुर झिरका डी एस पी ब्रहमसिंह, थाना प्रभारी कुलदीप सिंह, शहर पुलिस चौकी प्रभारी जगदीश कुमार,झिरका अपराध शाखा के इंचार्ज बसीर खान के अलावा उनका सुरक्षास्टाफ़ व थाने का समस्त स्टाफ मौजूद था।

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