खास खबर:एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन और डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन ने लगाया इंडियन आर्मी (भारतीय सेना) के साथ रक्तदान शिविर:नसीम खान
इंडिया क्राईम तक न्यूज़
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन और डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन ने लगाया इंडियन आर्मी (भारतीय सेना) के साथ रक्तदान शिविर:नसीम खान
आज सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से भारतीय सेना के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 70 लोगो ने रक्तदान किया ।
नसीम खान जखोपुर ने कहा कि कई लोग रक्तदान (Blood Donation) करने से हिचकिचाते हैं, मगर विशेषज्ञ का कहना है कि रक्तदान करने से दिल की सेहत में सुधार, वजन नियंत्रण (Weight loss) और बेहतर सेहत जैसे कई लाभ मिलते हैं. रक्तदान रक्तदाता के शरीर और मन दोनों पर बहुत अच्छा प्रभाव डालता है ।
नसीम खान डायरेक्टर एंड फाउंडर एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन के कहना है कि, "रक्तदान करके आप केवल किसी को जिंदगी देने का महान कार्य ही नहीं कर रहे होते हैं, बल्कि यह आपकी अपनी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है, रक्तदान रक्तदाता के शरीर और मन दोनों पर बहुत अच्छा प्रभाव डालता है, दुख की बात यह है कि हम में से ज्यादातर लोगों को इन फायदों के बारे में पता नहीं है, इस बारे में जागरूकता फैलाने से ज्यादा से ज्यादा लोगों को रक्तदान के प्रति प्रोत्साहित किया जा सकता है जैसा आज हो रहा है मेवात एरिया हमेशा से ही इंसानियत के लिए जाना जाता है जिसकी बानगी आज आप देख रहे हैं ।
समर खान संयोजक डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन हरियाणा ने कहा कि रक्तदान तब होता है जब एक स्वस्थ व्यक्ति स्वेच्छा से अपना रक्त देता है और रक्त-आधान (ट्रांसफ्यूजन) के लिए उसका उपयोग होता है या फ्रैकशेनेशन नामक प्रक्रिया के जरिये दवा बनायी जाती है।
विकसित देशों में, अधिकांश रक्तदाता अवैतनिक स्वयंसेवक होते हैं, जो सामुदायिक आपूर्ति के लिए रक्त दान करते हैं। गरीब देशों में, स्थापित आपूर्ति सीमित हैं और आमतौर पर परिवार या मित्रों के लिए आधान की जरूरत होने पर ही रक्तदाता रक्त दिया करते हैं। अनेक दाता दान के रूप में रक्त देते हैं, लेकिन कुछ लोगों को भुगतान किया जाता है और कुछ मामलों में पैसे के बजाय काम के समय में सवैतनिक छुट्टी के रूप में प्रोत्साहन दिए जाते हैं। कोई दाता अपने भविष्य के उपयोग के लिए रक्त दान कर सकता है। रक्त दान बहुत ही सुरक्षित है, लेकिन हमारे एरिया में अक्सर किसी की जान बचाने के लिए रक्तदान किया जाता है जिसका फायदा रोड एक्सीडेंट, घायल, खून की कमी या डिलीवरी के समय जब औरत को रक्त की जरूरत होती है उसे रक्त दे दिया जाता है लेकिन एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन और देश की जानी मानी संस्था ने जो ये कैम्प का आयोजन किया है काबीले तारीफ है इसमें हम सभी अपनी इच्छा से रक्त दान कर सकते है ।
मो आरिफ टाई ने कहा कि रक्त दान महादान! यह कथन हम सभी ने देखा, सुना और पढ़ा है। हम में से कई लोगों ने कभी ना कभी किसी ना किसी जरूरतमंद के लिए रक्त दान भी किया होगा। हर पल ऐसे हजारों-लाखों मरीज हैं, जिन्हें खून की जरूरत होती है और लिहाजा, इस ओर दान दाताओं की भी जरूरत है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रक्त दान से ना सिर्फ आप किसी को नया जीवन देते हैं, बल्कि यह खुद दान दाता के शरीर के लिए भी काफी फायदेमंद है ।
सगीर ने कहा कि सबसे पहले थोड़ी बात विज्ञान की कर लेते हैं। हमारे शरीर में जो लाल रक्त कोशिकाएं (रेड ब्लड सेल्स) हैं, उनकी उम्र ही 3-4 महीने की होती है। यानी आपके शरीर में आज जो खून है, वह हर तीन से चार महीने में नया हो जाता है। एक स्वस्थ शरीर में कभी खून की कमी नहीं होती। रक्त का बनना एक नियत प्रक्रिया है, जो चलती रहती है। इतना ही नहीं, यदि आप नियमित तौर भी पर रक्त दान करते हैं तो इसका आपके शरीर और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है ।शारुख खान ने कहा कि शरीर में आयरन यानी लौह तत्व की अधिक मात्रा हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बनती है। महिलाओं में हार्ट अटैक की बात कम सामने आती है, क्योंकि मासिकधर्म के कारण उनके शरीर से खून नियमित तौर पर निकल जाता है। लेकिन पुरुषों के साथ ऐसा नहीं होता। डॉ अमज़द बताते हैं कि पुरुषों को हर तीन-चार महीने पर रक्त दान करना चाहिए। यह शरीर में आयरन की सही मात्रा को बरकरार रखने में सहायक होता है। हमारी सेना के जवान जब घायल हो जाते है तो उस मोके पर खून के महत्व के बारे में पता चलता है इसका रास्ता सिर्फ खून दान ही है ताकि अपनी आर्मी के जवानों की जान बचाई जा सके । इस मौके पर नासिर अली सुडाका, आशिफ मालुका, आशिफ आली, वसीम अकरम जखोपुर, आलम खान टाई व सब्बीर टपूकड़ा, राही खान टपूकड़ा व अन्य सैकड़ो साथियो ने हिस्सा लिया।
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन और डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन ने लगाया इंडियन आर्मी (भारतीय सेना) के साथ रक्तदान शिविर:नसीम खान
आज सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से भारतीय सेना के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 70 लोगो ने रक्तदान किया ।
नसीम खान जखोपुर ने कहा कि कई लोग रक्तदान (Blood Donation) करने से हिचकिचाते हैं, मगर विशेषज्ञ का कहना है कि रक्तदान करने से दिल की सेहत में सुधार, वजन नियंत्रण (Weight loss) और बेहतर सेहत जैसे कई लाभ मिलते हैं. रक्तदान रक्तदाता के शरीर और मन दोनों पर बहुत अच्छा प्रभाव डालता है ।
नसीम खान डायरेक्टर एंड फाउंडर एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन के कहना है कि, "रक्तदान करके आप केवल किसी को जिंदगी देने का महान कार्य ही नहीं कर रहे होते हैं, बल्कि यह आपकी अपनी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है, रक्तदान रक्तदाता के शरीर और मन दोनों पर बहुत अच्छा प्रभाव डालता है, दुख की बात यह है कि हम में से ज्यादातर लोगों को इन फायदों के बारे में पता नहीं है, इस बारे में जागरूकता फैलाने से ज्यादा से ज्यादा लोगों को रक्तदान के प्रति प्रोत्साहित किया जा सकता है जैसा आज हो रहा है मेवात एरिया हमेशा से ही इंसानियत के लिए जाना जाता है जिसकी बानगी आज आप देख रहे हैं ।
समर खान संयोजक डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन हरियाणा ने कहा कि रक्तदान तब होता है जब एक स्वस्थ व्यक्ति स्वेच्छा से अपना रक्त देता है और रक्त-आधान (ट्रांसफ्यूजन) के लिए उसका उपयोग होता है या फ्रैकशेनेशन नामक प्रक्रिया के जरिये दवा बनायी जाती है।
विकसित देशों में, अधिकांश रक्तदाता अवैतनिक स्वयंसेवक होते हैं, जो सामुदायिक आपूर्ति के लिए रक्त दान करते हैं। गरीब देशों में, स्थापित आपूर्ति सीमित हैं और आमतौर पर परिवार या मित्रों के लिए आधान की जरूरत होने पर ही रक्तदाता रक्त दिया करते हैं। अनेक दाता दान के रूप में रक्त देते हैं, लेकिन कुछ लोगों को भुगतान किया जाता है और कुछ मामलों में पैसे के बजाय काम के समय में सवैतनिक छुट्टी के रूप में प्रोत्साहन दिए जाते हैं। कोई दाता अपने भविष्य के उपयोग के लिए रक्त दान कर सकता है। रक्त दान बहुत ही सुरक्षित है, लेकिन हमारे एरिया में अक्सर किसी की जान बचाने के लिए रक्तदान किया जाता है जिसका फायदा रोड एक्सीडेंट, घायल, खून की कमी या डिलीवरी के समय जब औरत को रक्त की जरूरत होती है उसे रक्त दे दिया जाता है लेकिन एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन और देश की जानी मानी संस्था ने जो ये कैम्प का आयोजन किया है काबीले तारीफ है इसमें हम सभी अपनी इच्छा से रक्त दान कर सकते है ।
मो आरिफ टाई ने कहा कि रक्त दान महादान! यह कथन हम सभी ने देखा, सुना और पढ़ा है। हम में से कई लोगों ने कभी ना कभी किसी ना किसी जरूरतमंद के लिए रक्त दान भी किया होगा। हर पल ऐसे हजारों-लाखों मरीज हैं, जिन्हें खून की जरूरत होती है और लिहाजा, इस ओर दान दाताओं की भी जरूरत है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रक्त दान से ना सिर्फ आप किसी को नया जीवन देते हैं, बल्कि यह खुद दान दाता के शरीर के लिए भी काफी फायदेमंद है ।
सगीर ने कहा कि सबसे पहले थोड़ी बात विज्ञान की कर लेते हैं। हमारे शरीर में जो लाल रक्त कोशिकाएं (रेड ब्लड सेल्स) हैं, उनकी उम्र ही 3-4 महीने की होती है। यानी आपके शरीर में आज जो खून है, वह हर तीन से चार महीने में नया हो जाता है। एक स्वस्थ शरीर में कभी खून की कमी नहीं होती। रक्त का बनना एक नियत प्रक्रिया है, जो चलती रहती है। इतना ही नहीं, यदि आप नियमित तौर भी पर रक्त दान करते हैं तो इसका आपके शरीर और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है ।शारुख खान ने कहा कि शरीर में आयरन यानी लौह तत्व की अधिक मात्रा हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बनती है। महिलाओं में हार्ट अटैक की बात कम सामने आती है, क्योंकि मासिकधर्म के कारण उनके शरीर से खून नियमित तौर पर निकल जाता है। लेकिन पुरुषों के साथ ऐसा नहीं होता। डॉ अमज़द बताते हैं कि पुरुषों को हर तीन-चार महीने पर रक्त दान करना चाहिए। यह शरीर में आयरन की सही मात्रा को बरकरार रखने में सहायक होता है। हमारी सेना के जवान जब घायल हो जाते है तो उस मोके पर खून के महत्व के बारे में पता चलता है इसका रास्ता सिर्फ खून दान ही है ताकि अपनी आर्मी के जवानों की जान बचाई जा सके । इस मौके पर नासिर अली सुडाका, आशिफ मालुका, आशिफ आली, वसीम अकरम जखोपुर, आलम खान टाई व सब्बीर टपूकड़ा, राही खान टपूकड़ा व अन्य सैकड़ो साथियो ने हिस्सा लिया।


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