इंडिया क्राईम तक न्यूज़
(बिलाल अहमद)
ब्यूरो रिपोर्ट नूह मेवात।
खास खबर:सुशासन दिवस पर खोखले दावों से नाराज लोगों का अनिश्चितकालीन धरना शुरु
मांगे न मानी तो लेंगे बड़ा फैसला: राजुद्दीन सरकारी शर्तें पूरी करने के बावजूद नहीं बढ़ सका सड़क और स्कूल का दर्जा सरकारी दावे खोखले हैं इस बात की तस्दीक करहेड़ा गांव में सुशासन दिवस पर धरने में बैठे 8 गांव के लोग करते है। एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देती है दूसरी तरफ अरावली पहाड़ियों के साथ सटे घागस, कंसाली, नोटकी और मुलथान का दर्जा नहीं बढ़ती। करीब 10 किलोमीटर दूर के इन क्षेत्रों में आज तक कोई राजकीय उच्च विद्यालय और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नहीं है। जब गांव में आठवीं तक के स्कूल तो है ऐसे में उच्च शिक्षा पाने के लिए तैयार बेटियां मायूस होकर ड्रॉपआउट हो रही है। मंगलवार को मजबूरी में दर्जनों गांव के लोगों ने अनिश्चितकालीन धरना दसवीं और बारहवीं तक स्कूलों को अपग्रेड कराने तथा इस गांव को जोड़ने वाली 12 फुट चौड़ी सड़क को 18 फुट चौड़ा कराने के लिए धरना शुरू किया। जबकि सरकार के मापदंड के अनुसार 5 किलोमीटर दूर 10वीं और 12वीं के स्कूल अनिवार्य है। दूसरी तरफ 5 किलोमीटर से लंबी सड़कों को 18 फुट चौड़ा करने का दावा भी खोखला दिखाई दे रहा है। इस अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत मेवात आरटीआई मंच की तरफ से की गई। इसमें गालिब मौजी खान फाउंडेशन, महिला संगठन जागो-चलो व संयुक्त संघर्ष समिति मेवात सहयोग कर रही हैं। करहेड़ा गांव के मौजूदा सरपंच चौधरी मजीद खान ने ग्राम पंचायत के सहयोग से और अन्य गांव घागस, मूलथान, कंसाली, शाहपुर, जैताका, अकलीमपुर के सहयोग से अनिश्चितकालीन धरना अपने गांव के चौक पर शुरू किया है। इस चौक से सभी गांव जुड़े हुए हैं। समाज सुधारक राजुद्दीन जंग ने बताया कि लोगों की लगातार मांग थी कि नगीना से करहेड़ा वाला उलेटा-कंसाली सड़क चौड़ी हो तथा स्कूल आठवीं से बारहवीं तक दर्जा बढे़। धरने में पूर्व मैनेजर अकबर खान, मास्टर हाकम खां, हाजी मास्टर अख्तर, फौजी मोहम्मद खान, हाजी रमजान का कहना है कि 8-10 गांव में 10 किलोमीटर दूर तक कोई भी दसवीं और बारहवीं का स्कूल नहीं है हमारी मांग जायज है। इसी प्रकार हमारी इन गांव को जोड़ने वाली सड़क भी आजादी के बाद से ही चौड़ी नहीं हुई है। जबकि सरकार दावा करती है कि 5 किलोमीटर पर स्कूल और 5 किलोमीटर लंबी सड़कों को अपग्रेड किया गया है। वहीं पंचायत सदस्य अकबर, पूर्व सरपंच राजपाल, चौधरी हुसैना, सौरभ पूर्व सरपंच, रसीद लंबरदार का कहना है कि सुशासन दिवस पर यह कार्यक्रम इसलिए रखा गया था कि अभी भी सरकारी सिस्टम में भ्रष्टाचार है और योग्यता रखने वाले स्कूल तथा सड़कों का दर्जा नहीं बढ़ाया जा रहा। अनिश्चितकालीन धरने में विभिन्न संगठन भी सहयोग कर रहे हैं। इस अवसर पर अशोक सैनी, शाहपुर गांव के इस्राइल, समाजसेवी सलीम खान उलेटा, सामाजिक कार्यकर्ता प्रवेश स्पेशल समीर नानक चंद चौकीदार, दीनू मूलथान, डॉक्टर इमरान, पूर्व सरपंच हाजी अख्तर, पूर्व सरपंच हारुण खान कंसाली, धर्म सिंह सैनी, फौजी मोहम्मद, नायाब करहेड़ा, चंद्रशेखर, रोहतास, हकीम मोहम्मद हनीफ आदि सैकड़ों गणमान्य लोग धरने में शामिल रहे।
मांगे न मानी तो लेंगे बड़ा फैसला: राजुद्दीन सरकारी शर्तें पूरी करने के बावजूद नहीं बढ़ सका सड़क और स्कूल का दर्जा सरकारी दावे खोखले हैं इस बात की तस्दीक करहेड़ा गांव में सुशासन दिवस पर धरने में बैठे 8 गांव के लोग करते है। एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देती है दूसरी तरफ अरावली पहाड़ियों के साथ सटे घागस, कंसाली, नोटकी और मुलथान का दर्जा नहीं बढ़ती। करीब 10 किलोमीटर दूर के इन क्षेत्रों में आज तक कोई राजकीय उच्च विद्यालय और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नहीं है। जब गांव में आठवीं तक के स्कूल तो है ऐसे में उच्च शिक्षा पाने के लिए तैयार बेटियां मायूस होकर ड्रॉपआउट हो रही है। मंगलवार को मजबूरी में दर्जनों गांव के लोगों ने अनिश्चितकालीन धरना दसवीं और बारहवीं तक स्कूलों को अपग्रेड कराने तथा इस गांव को जोड़ने वाली 12 फुट चौड़ी सड़क को 18 फुट चौड़ा कराने के लिए धरना शुरू किया। जबकि सरकार के मापदंड के अनुसार 5 किलोमीटर दूर 10वीं और 12वीं के स्कूल अनिवार्य है। दूसरी तरफ 5 किलोमीटर से लंबी सड़कों को 18 फुट चौड़ा करने का दावा भी खोखला दिखाई दे रहा है। इस अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत मेवात आरटीआई मंच की तरफ से की गई। इसमें गालिब मौजी खान फाउंडेशन, महिला संगठन जागो-चलो व संयुक्त संघर्ष समिति मेवात सहयोग कर रही हैं। करहेड़ा गांव के मौजूदा सरपंच चौधरी मजीद खान ने ग्राम पंचायत के सहयोग से और अन्य गांव घागस, मूलथान, कंसाली, शाहपुर, जैताका, अकलीमपुर के सहयोग से अनिश्चितकालीन धरना अपने गांव के चौक पर शुरू किया है। इस चौक से सभी गांव जुड़े हुए हैं। समाज सुधारक राजुद्दीन जंग ने बताया कि लोगों की लगातार मांग थी कि नगीना से करहेड़ा वाला उलेटा-कंसाली सड़क चौड़ी हो तथा स्कूल आठवीं से बारहवीं तक दर्जा बढे़। धरने में पूर्व मैनेजर अकबर खान, मास्टर हाकम खां, हाजी मास्टर अख्तर, फौजी मोहम्मद खान, हाजी रमजान का कहना है कि 8-10 गांव में 10 किलोमीटर दूर तक कोई भी दसवीं और बारहवीं का स्कूल नहीं है हमारी मांग जायज है। इसी प्रकार हमारी इन गांव को जोड़ने वाली सड़क भी आजादी के बाद से ही चौड़ी नहीं हुई है। जबकि सरकार दावा करती है कि 5 किलोमीटर पर स्कूल और 5 किलोमीटर लंबी सड़कों को अपग्रेड किया गया है। वहीं पंचायत सदस्य अकबर, पूर्व सरपंच राजपाल, चौधरी हुसैना, सौरभ पूर्व सरपंच, रसीद लंबरदार का कहना है कि सुशासन दिवस पर यह कार्यक्रम इसलिए रखा गया था कि अभी भी सरकारी सिस्टम में भ्रष्टाचार है और योग्यता रखने वाले स्कूल तथा सड़कों का दर्जा नहीं बढ़ाया जा रहा। अनिश्चितकालीन धरने में विभिन्न संगठन भी सहयोग कर रहे हैं। इस अवसर पर अशोक सैनी, शाहपुर गांव के इस्राइल, समाजसेवी सलीम खान उलेटा, सामाजिक कार्यकर्ता प्रवेश स्पेशल समीर नानक चंद चौकीदार, दीनू मूलथान, डॉक्टर इमरान, पूर्व सरपंच हाजी अख्तर, पूर्व सरपंच हारुण खान कंसाली, धर्म सिंह सैनी, फौजी मोहम्मद, नायाब करहेड़ा, चंद्रशेखर, रोहतास, हकीम मोहम्मद हनीफ आदि सैकड़ों गणमान्य लोग धरने में शामिल रहे।

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