दिल्ली हिंसा में मारे गए लोगों एवं पुलिस कर्मी को दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रगान गाकर 28 दिनों से हो रही धरने की शुरूआत
एनपीआर नहीं कराने की लोगों दी सलाह
हिंदू मुस्लिम भाईचारे को तोड़ने वाली ताकतों के विरुद्ध एकजुट होने वक्त: रमजान चौधरी
बिलाल अहमद/ब्यूरो नूह मेवात।
नगीना। राष्ट्रगान गाकर निरंतर 28 दिनों से बडकली चौक पर चल रहे शांतिपूर्ण धरने में बुधवार को दिल्ली में मारे गए नागरिकों और पुलिसकर्मी को श्रद्धांजलि दी गई। उसके बाद धरने की शुरुआत करते हुए मुफ्ती नोमान कासमी ने कहा कि जिस प्रकार हमारे पड़ोसी राज्य दिल्ली में संप्रदायिक रंग दिया गया वो निंदनीय है। क्योंकि हिंदू और मुस्लिम सदियों से देश में एक साथ रहते आ रहे हैं और एक दूसरे के दर्द में शामिल होते हैं। गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस को मिलकर उन शरारती तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी होगी। जिन्होंने इस प्यार भरे माहौल को नफरत में बदलने की नाकाम कोशिश की है और हिंसा पर लोगों को आमादा कर दिया। शिक्षाविद शिबली अर्सलान ने संबोधित करते हुए कहा कि नफरत से लोगों में दूरियां बढ़ती है। जब भी इस प्रकार की हिंसा होती है तो जनता में सौहार्दपूर्ण माहौल बना पाना मुश्किल होता है। ऐसी घटनाएं इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। मेवात विकास सभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रमजान चौधरी एडवोकेट ने कहा कि गृहमंत्री और प्रधानमंत्री की नाक नीचे इस प्रकार की कई दिनों तक हिंसा होना शर्मनाक है। उन्हें इस पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के पूर्व विधायक कपिल मिश्रा ने लोगों को उकसाया है। कहा कि धरने और प्रदर्शन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। इसकी इजाजत हमें कानून दी हुई है लिहाजा सरकार को इस काले कानून को वापस लेना चाहिए। अन्य वक्ताओं ने कहा कि मेवात विकास सभा एवं मेवात आरटीआई मंच के बैनर तले दिया जा रहा धरना ऐतिहासिक महत्व रखता है। वहीं एनपीआर नहीं कराने की लोगों ने शपथ ली। मौके पर यूसुफ एडवोकेट उपप्रधान, सर्वर एफ मायो, मौलवी मोहम्मद हसन, अरसद इमाम नगर, सिका कुरैशी, हैदर अली जामिया, सिद्दिकी अहमद मेव, रियाज आलम, मुजाहिद मेवाती, मुजीब रहमान, फराह खान, मुफ्ती मोहम्मद नौमान, मोहम्मद रफीक, मौलवी जफरुदीन इलियासी, शाहिद, इनाम मोहम्मद, दीन मोहम्मद, रमजान चौधरी एडवोकेट, शिवली अर्सलान, मुबारिक मांडीखेड़ा, मौलाना साबिर कासमी, जावेद नगीना, मेवात विकास सभा के प्रधान सलामुद्दीन एडवोकेट व मेवात आरटीआई मंच चेयरमैन राजुद्दीन मेव समेत सैकड़ों महिलाएं एवं गणमान्य लोग मौजूद थे।
राष्ट्रगान गाकर 28 दिनों से हो रही धरने की शुरूआत
एनपीआर नहीं कराने की लोगों दी सलाह
हिंदू मुस्लिम भाईचारे को तोड़ने वाली ताकतों के विरुद्ध एकजुट होने वक्त: रमजान चौधरी
बिलाल अहमद/ब्यूरो नूह मेवात।
नगीना। राष्ट्रगान गाकर निरंतर 28 दिनों से बडकली चौक पर चल रहे शांतिपूर्ण धरने में बुधवार को दिल्ली में मारे गए नागरिकों और पुलिसकर्मी को श्रद्धांजलि दी गई। उसके बाद धरने की शुरुआत करते हुए मुफ्ती नोमान कासमी ने कहा कि जिस प्रकार हमारे पड़ोसी राज्य दिल्ली में संप्रदायिक रंग दिया गया वो निंदनीय है। क्योंकि हिंदू और मुस्लिम सदियों से देश में एक साथ रहते आ रहे हैं और एक दूसरे के दर्द में शामिल होते हैं। गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस को मिलकर उन शरारती तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी होगी। जिन्होंने इस प्यार भरे माहौल को नफरत में बदलने की नाकाम कोशिश की है और हिंसा पर लोगों को आमादा कर दिया। शिक्षाविद शिबली अर्सलान ने संबोधित करते हुए कहा कि नफरत से लोगों में दूरियां बढ़ती है। जब भी इस प्रकार की हिंसा होती है तो जनता में सौहार्दपूर्ण माहौल बना पाना मुश्किल होता है। ऐसी घटनाएं इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। मेवात विकास सभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रमजान चौधरी एडवोकेट ने कहा कि गृहमंत्री और प्रधानमंत्री की नाक नीचे इस प्रकार की कई दिनों तक हिंसा होना शर्मनाक है। उन्हें इस पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के पूर्व विधायक कपिल मिश्रा ने लोगों को उकसाया है। कहा कि धरने और प्रदर्शन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। इसकी इजाजत हमें कानून दी हुई है लिहाजा सरकार को इस काले कानून को वापस लेना चाहिए। अन्य वक्ताओं ने कहा कि मेवात विकास सभा एवं मेवात आरटीआई मंच के बैनर तले दिया जा रहा धरना ऐतिहासिक महत्व रखता है। वहीं एनपीआर नहीं कराने की लोगों ने शपथ ली। मौके पर यूसुफ एडवोकेट उपप्रधान, सर्वर एफ मायो, मौलवी मोहम्मद हसन, अरसद इमाम नगर, सिका कुरैशी, हैदर अली जामिया, सिद्दिकी अहमद मेव, रियाज आलम, मुजाहिद मेवाती, मुजीब रहमान, फराह खान, मुफ्ती मोहम्मद नौमान, मोहम्मद रफीक, मौलवी जफरुदीन इलियासी, शाहिद, इनाम मोहम्मद, दीन मोहम्मद, रमजान चौधरी एडवोकेट, शिवली अर्सलान, मुबारिक मांडीखेड़ा, मौलाना साबिर कासमी, जावेद नगीना, मेवात विकास सभा के प्रधान सलामुद्दीन एडवोकेट व मेवात आरटीआई मंच चेयरमैन राजुद्दीन मेव समेत सैकड़ों महिलाएं एवं गणमान्य लोग मौजूद थे।

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