जिले के सैकड़ों डिपो होल्डरों को नही दिया जा रहा करीब एक वर्ष से राशन किराया, कई बार उच्च अधिकारियों से लगा चुके हैं गुहार।
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जिले के सैकड़ों डिपो होल्डरों को नही दिया जा रहा करीब एक वर्ष से राशन किराया, कई बार उच्च अधिकारियों से लगा चुके हैं गुहार।
बिलाल अहमद/ ब्यूरो नूह मेवात।
नूह जिले में अक्सर सुर्खियों में रहने वाले डिपो होल्डर इन दिनों खासे परेशान है। हरियाणा सरकार द्वारा जहां एक और ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली को लागू कर डिपो होल्डरो द्वारा गरीबों के हकों पर डाका डालने तथा उनके हिस्से के राशन को बाजार में कालाबाजारी पर रोक लगा दी। वही हरियाणा सरकार के पारदर्शिता के चलते गरीबों का राशन उन तक पहुंचना तो शुरू हो गया। लेकिन दिसंबर 2018 से अब तक डिपो होल्डरो का राशन लाने वाले वाहन का किराया अभी तक सरकार व विभाग द्वारा वहन नहीं किया गया। जबकि जिले के सैकड़ों डिपो होल्डर इन दिनों अपने पिछले साल से ही किराए के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं। जानकारी देते हुए डिपो होल्डर आकेडा असगर हुसैन सत्तार खेडला इमरान अकबर सलाउद्दीन अलीम आदि सैकड़ों डिपो होल्डरो का कहना है की सरकार द्वारा उन्हें दिसंबर 2018 से लेकर अब तक राशन डिपो तक पहुंचाने वाले वाहन का किराया तक नहीं दिया गया है। जबकि विभाग द्वारा किराया ₹27 प्रति क्विंटल के हिसाब से दिया जाता है। डिपो होल्डरो के वहां पर यही राशन ₹50 प्रति क्विंटल के हिसाब से पहुच रहा है जिसे डिपो होल्डरो को काफी नुकसान हो रहा है। जिले के सैकड़ों डिपो होल्डरो का कहना है इस बारे में वे कई बार विभाग के उच्च अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन उनकी समस्या को कोई सुनने को तैयार नहीं है।
उन्होंने हरियाणा सरकार व विभाग से मांग की है कि उनका विभाग द्वारा करीब 1 वर्ष से नहीं मिल रहा किराया दिलवाया जाए। तथा कनफेड द्वारा मिलने वाले किराया 27 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से ₹50 प्रति क्विंटल कराया जाए ताकि डिपो होल्डरो को इसका खामियाजा नहीं भुगतना पड़े।
क्या कहती हैं डीएफएससी नूह:-
वहीं इस मामले में डीएफएससी नूह श्रीमती सीमा शर्मा का कहना है की डिपो होल्डरो की किराया नहीं मिलने की समस्या को उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा हर हाल में बाकी बचे 1 वर्ष का किराया उन्हें जल्द दिलाया जाएगा। राशन के टेंडर पर भी खासतौर से ध्यान दिया जाएगा।

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